रोज की छेड़खानी से बचने के लिए शांति ने आत्महत्या कर ली। वो बारहवीं में पढने वाली एक लड़की थी, जिसे कुछ लफंगे रोजाना स्कूल जाने वाले रास्ते में छेड़ा करते थे। 17 साल की शांति ने 5 फरवरी को कोयमवेदु (चेन्नई) स्थित अपने घर में खुद पर किरोसिन तेल छिड़ककर आत्महत्या कर ली। खबर चेन्नई के अखबार में 2-4 लाइनों में छपी। इतनी कम जगह इसलिए, क्योंकि वो कोई NRI नहीं थी। बड़े या पैसे वाले घर से नहीं आती थी। उम्मीद है ये मामला ख़बर की तरह ही कानून के कूड़ेदान में सड़ जाएगा। लफंगे छेड़खानी के लिए एक दूसरी शांति खोज लेंगे।
शांति एक आम भारतीय थी। छेड़खानी में कपड़े की खींचतान को बड़ी खबर बना देने वाला मीडिया भी इस मामले में कुछ नहीं करने वाला। क्योंकि शांति के उघड़े हुए जिस्म की तस्वीर अनखिंची रह गयी। ज़ाहिर है, इसे दिखाने या छपने से उनकी TRP या सर्कुलेशन नहीं बढने वाला है। मैं मानता हूं ये महज खुदकुशी नहीं, हत्या है। क्या आप मीडियावाले ये बता सकते हैं कि शांति की हत्या का जिम्मेदार कौन है?
Wednesday, February 06, 2008
शांति की हत्या का जिम्मेदार कौन??
द्वारा PD at 2:01:00 AM
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4 टिप्पणी:
sirf ham jimmedaar hain........aur koi nahi.
यह जानकर, पढकर भी चुप्पी साधने वाला हर आदमी इसका जिम्मेदार
सिर्फ हम नहीं पूरा समाज जिम्मेदार है। जो एक लड़की को अपने तरीके से जीने का अधिकार नहीं देता है।
ये मीडिया से पूछने वाला सवाल नहीं है। हमें खुद से पूछना होगा कितनी बार हम एकदम सीधे चोट न पड़ने पर विरोध में खड़े होते हैं।
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