मेरे मनपसंद गीतों में से एक..
पिया बाज प्याला,
पीया जाये ना..
पिया बाज यकतिल,
जिया जाए ना..
नहीं इश्क जिसे वो,
बड़ा ख़ूर है..
कभी उससे मिल,
बैसा जाए ना..
कुतुबशा ना दे मुझ,
दीवाने को पंद..
दीवाने को कुछ पंद,
दिया जाए ना..
मुजफ्फर अली द्वारा कम्पोज किया हुआ..
=======================================
पोस्ट करते समय तो बस बेतरतीबी में पोस्ट कर डाला था मगर बाद में कमेंट पढ़ कर पता चला कि लोग इसके बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं.. मुझे जितनी जानकारी है इस गीत कि उतनी मैं यहां दे रहा हूं.. ज्यादा जानकारी के लिये किसी कबाड़ी से संपर्क करें.. मुझे यकीन है कि वहां से सारी जानकारी आपको मिल जायेगी..
एल्बम का नाम - हुश्न-ए-जाना 1997
संगीतकार - मुजफ्फर अली
गीत के रचयिता - कुली कुतुबशाह
स्वर - छाया गांगुली और इकबाल सिद्दीकी
=======================================
जैसा मैंने कहा था कि इस गीत के बारे में कोई कबाड़ी ही बता सकता है सो एक कबाड़ी सिद्धेश्वर जी आये और अपना कबाड़ पकड़ा गये.. :)
बहुत-बहुत धन्यवाद उन्हें.. उनके द्वारा दी गयी जानकारी से मैंने अपने इस पोस्ट की गलतियों को सही कर लिया है..
पिया बाज प्याला,
पीया जाये ना..
पिया बाज यकतिल,
जिया जाए ना..
नहीं इश्क जिसे वो,
बड़ा ख़ूर है..
कभी उससे मिल,
बैसा जाए ना..
कुतुबशा ना दे मुझ,
दीवाने को पंद..
दीवाने को कुछ पंद,
दिया जाए ना..
|
मुजफ्फर अली द्वारा कम्पोज किया हुआ..
=======================================
पोस्ट करते समय तो बस बेतरतीबी में पोस्ट कर डाला था मगर बाद में कमेंट पढ़ कर पता चला कि लोग इसके बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं.. मुझे जितनी जानकारी है इस गीत कि उतनी मैं यहां दे रहा हूं.. ज्यादा जानकारी के लिये किसी कबाड़ी से संपर्क करें.. मुझे यकीन है कि वहां से सारी जानकारी आपको मिल जायेगी..
एल्बम का नाम - हुश्न-ए-जाना 1997
संगीतकार - मुजफ्फर अली
गीत के रचयिता - कुली कुतुबशाह
स्वर - छाया गांगुली और इकबाल सिद्दीकी
=======================================
जैसा मैंने कहा था कि इस गीत के बारे में कोई कबाड़ी ही बता सकता है सो एक कबाड़ी सिद्धेश्वर जी आये और अपना कबाड़ पकड़ा गये.. :)
बहुत-बहुत धन्यवाद उन्हें.. उनके द्वारा दी गयी जानकारी से मैंने अपने इस पोस्ट की गलतियों को सही कर लिया है..