Friday, September 11, 2009

आज से ठीक एक साल पहले कि एक पोस्ट

पिछले साल आज के ही दिन मैंने एक पोस्ट लिखी थी, जो मेरे द्वारा लिखी गई सबसे छोटी पोस्ट है.. जिसमें सिर्फ पांच शब्दों का प्रयोग किया गया था.. अब आप इसे माईक्रो ब्लौगिंग भी नहीं कह सकते हैं, यह तो उससे भी छोटा था.. मगर उस पर आये कमेंट्स मजेदार थे.. आज इसे ही पढ़िये..


आज सात साल हो गये


आज सात साल हो गये..


10 टिप्पणी:

दिनेशराय द्विवेदी said...

जिन्दगी चल पड़ती है हर बार रास्ते पर

वक्त कैसे गुज़रता है, पता नहीं लगता



डॉ .अनुराग said...

keep it up....



manvinder bhimber said...

chalna hi jindagi hai...chalte raho



mamta said...

जिंदगी इसी का नाम है।



संगीता पुरी said...

बधाई हो।



Lovely kumari said...

तो पंचम सुर में आलाप कीजिये ...समझा समझा के थक गई मैं पर नही ..



Udan Tashtari said...

किस बात के सात साल हुए??
हमारे भी ९ साल हो गये-पहले आप बताओ फिर हम बतायेंगे. :)



PD said...

अजी अमेरिका पर आतंकवादी हमले के 7 साल पूरे हुये..
यहां तो आये कमेंट पढकर सभी ना जाने क्या क्या सोचेंगे.. :)



अभिषेक ओझा said...

हां हां ये भी खूब रही, ये तो अच्छा रहा की मैं लेट से आया !



Lovely kumari said...

:-)


आज कि बात भी लिख ही देता हूं.. आज आठ साल हो गये.. :)

आज कल कुछ भी लिखने का मन नहीं कर रहा है इसलिये अंट-संट पोस्ट कर रहा हूं.. कई पोस्ट आधी-अधूरी पड़ी हुई है, तो कुछ पोस्ट तो अब आधे के बाद अपनी सार्थकता भी खो चुकी है.. मैं अभी तक टंकी पर नहीं चढ़ा हूं और ना ही मेरी ट्यूब खाली हुई है.. बस लिखने का मन नहीं कर रहा है.. :)

14 comments:

  1. पावला जी से सेहमत हू

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  2. टंकी पर चढ़ने की दबी इच्छा कुलाँचे तो नहीं मार रही ?
    कभी कभी ’नकार” से उपलब्ध कर लेता है आदमी किसी वस्तु या अनुभव को - माने ना ना करते ...।

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  3. सचमुच द्वितीय विश्वयुद्ध को हुए साठ साल हो गए.:)

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  4. आज आठ साल तुम्हारे हो गये और हमारे १० साल. :)

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  5. खेल नहीं ये बरसों का
    तेल है ये सरसों का :)

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  6. आज आठ साल हो गए:)

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  7. दिन महिने साल गुज़रते जायेंगे,
    हम प्यार मे जीते,प्यार मे मरते जायेंगे।

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  8. सबसे छोटी पोस्ट पर एक साल बाद बधाई :) हैपी ब्लॉगिंग

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  9. छेद बढ़ता जा रहा है साल निकलते जा रहे हैं!

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  10. हर साल एक साल बढ़ता जायेगा...:)

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