Saturday, July 26, 2008

यात्रा वृतांत, विकास की कलम से (पार्ट - 6)

सुबह कुछ हालत ठीक था तो हम लोग करीब 8 बजे निकले.. कुछ ही दूर चलने के बाद ऐसा लग रहा था किसी तरह घर तक पहुँच जाएँ बस.. हम अपने घुटने के कारण धीमे थे और कुछ अपने थकान के कारण धीमे थे.. पीटर बोला "Slow trekkres" मेरे साथ चलें ताकि पूरा ग्रुप एक साथ चले.. फिर क्या पीटर नाम का चरवाहा विकास नाम के बैल को ऐसा हांका की बस पूछो मत.. :) लेकिन हम भी कम नहीं थे.. एक जगह तो फ्री हैण्ड क्लिम्बिंग में साला Tom cruise को मात दे दिए.. लेकिन साला कोई फोटो नहीं खीचा.. असल में सब कोई इतने शोक्ड हो गए की सब हमी को देखने में लग गए.. :) हा...हा...हा...ऐसा कुछ नहीं था.. लेकिन जब वहां से उतर कर नीचे आयें और दुबारा देखें तो लगा की नहीं जाना चाहिए था.. रिस्क था..

खाने के लिए हमलोग एक पानी वाले जगह पर रुके.. कप नूडल्स और सूप पिए गया.. थोडा बहुत आराम किया गया और फिर से यात्रा शुरू हो गयी.. रात होने से पहले जंगल से बहार निकलना लेकिन पीटर का GPS ख़राब हो गया और हमलोग रास्ता भटक गए.. किसी तरह पीटर और आरुल रास्ता ढूढे और फिर हमलोग आगे बढ़ें.. दुसरे दिन सिर्फ किसी तरह घर पहुचना था इसलिए कोई उतना एन्जॉय नहीं कर पाया.. लेकिन रात होने से पहले तक सब कोई अच्छे से थक गए थे.. बहुत व्यू पॉइंट भी था जहाँ पे रुक रुक कर फोटो शूट आउट हुआ.. रात में झाडी और कांटो से भडा पेड़ उतना अच्छे से दिख नहीं रहा था इसलिए बहुत लोगों के कपडा, हाथ, पैर सब कट-ते, फट-ते गए.. आखिरकार हमलोग करीब 11 बजे अपने बेस कैंप पहुँच ही गए.. सभी अपना सामान समेटे और अपनी अपनी गाडी में बैठ गए..

हालत उतना भी खराब नहीं था.. इसलिए रास्ते भर हमलोग गाते बजाते आये और करीब 1 बजे हमलोग घर पहुंचें.. सभी लोग ऑफिस जाने का ख्याल तो पहले दिन ही छोर के आये थे शिव के अलावा.. उसे जरूरी भी था ऑफिस में.. इसलिए सिर्फ वही ऑफिस आया और हमलोग घर पर आराम किये..


हम चारों मित्र
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ये था हमलोग यात्रा वृतांत.. मेरे शब्दों में.. अब प्रशान्त जैसे नहीं लिख सातें हैं इसीलिए इसी से काम चलाना पड़ेगा.. :) प्रशान्त एक ब्लॉग पहले ही पोस्ट कर चुका है और दूसरा आज रात तक कर देगा.. फोटो भी उसके और वाणी के जिम्मे है.. वैसे आप लोग फोटो साईट पर भी जा के देख सकतें हैं.. साईट का लिंक ये रहा..
http://groups.google.com/group/sachennaitrekkingclub
यहाँ पर “Nagalapuram Mountain climb” से सम्बंधित कुछ लिंक होगा जिसमें आप फोटो देख सकते हैं.. कुल मिला कर ट्रिप अच्छा रहा लेकिन हमलोग जैसे बिगिनर्स के लिए थोडा हेक्टिक हो गया था.. लेकिन अच्छा लगा.. इसलिए जो लोग पिछले ट्रेक में हमें ज्वाइन नहीं कर पाए वो इसबार जरुर चलें..


पुनश्च, ये पत्र मुझे मेरे मित्र विकास ने भेजा था जिसे मैंने किस्तों में आपके सामने पेश किया हूँ.. इससे मुझे बहुत फायदा हुआ, पहला ये की मैं ये सब इतने विस्तार से लिखने से बच गया और दूसरा ये की विकास ने लिखना शुरू किया.. :)
वैसे मुझे पता है की वो एक बार लिख दिया यही बहुत है उसके लिए.. :) विकास को इस पत्र के आभार..
धन्यवाद

आप इन चित्रों को देखे. सम्यक द्वारा लिया ये चित्र सच में मन को भाने वाला है..






10 comments:

  1. Concentrate to the things that could give information to the people.

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  2. So that those who will accidentally visit your site will not waste there time with this stupid topics.

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  3. Ive read this topic for some blogs. But I think this is more informative.

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  4. तस्वीरे कमाल की है.. विकास को हमारा धन्यवाद कहिएगा उन्होने हमे आपसे बचा लिया:)

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  5. यात्रा वृत्‍तांत एवं फोटो दोनों अच्‍छे है।

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  6. हाथ पैर कट फट गये और गाते बजाते आये - क्या स्पिरिट है!

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  7. फोटो सजीव है.....ओर आप की हिम्मत की दाद (आप ही फोटो में है ?)क्या छलांग लगायी है बोले तो ........

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  8. बहुत मजेदार हे आप की यात्रा , ओर चित्र, धन्यवाद हम से बांटने के लिये

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