Friday, February 05, 2010

अ फ्राईडे (अ वेडनेसडे कि तर्ज पर एक साफ्टवेयर कंपनी में)

प्रोजेक्ट मैनेजर राठौर - कौन हो तुम..??? क्या पहचान है तुम्हारी ?

फोन से - कौन हूं मैं!! मैं वो हूं जो आज कमिटमेंट करने से डरता है, मैं वो हूं जो आज घर जाने से डरता है, ये सोच कर की कहीं घर वाले पहचानने से इंकार ना कर दें...

मैं वो हूं जो, आज जॉब चेंज करता है तो सोचता है कि कहीं रिसेशन मे मुझे कंपनी से ना निकाल दे..

मैं वो हूं जिसकी गर्लफ्रेंड उससे फ्राईडे को दस बार फोन करती है, "क्या कर रहे हो?? काम ज्यादा है?? थक गये हो??"

मेरा हाल पूछने के लिये या काम पूछने के लिये नहीं, राठौर साब... बल्की वो ये जानना चाहती है कि कहीं हमेशा कि तरह इंड मोमेंट पर बॉस के बुलाने पर मैं शनिवार कि डेट कैंसिल तो नही कर रहा!!!

मैं वो हूं जो ब्रेकफास्ट के टाइम पर डिनर करता है, लंच टाइम पर ब्रेकफास्ट करता है, डिनर के टाइम पर लंच करता है.. वो भी टाइम मिल जाए तो...

मैं वो हूं जो अक्सर फंसता है.. कभी इंटर्व्यू के सवाल में फंसता है, कभी बड़ी कंपनियों के जाल में फंसता है, कभी बॉस और क्लाइंट के बवाल में फंसता है...

प्रोजेक्ट दफ़्तर की भीड़ तो देखी होगी आपने राठौर साब... उस भीड़ में से कोई भी चेहरा चुन लिजिये.. मैं वो ही हूं..

I'm the same old ..STUPID SOFTWARE ENGINEER....

15 comments:

  1. बहुत अच्छी लगी यह पोस्ट ...

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  2. यह इस युग के नौजवानों की पीड़ा है। लगता है एक दिन यही रंग लाएगी।

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  3. यह मामला हम संसद तक ले जायेंगे प्रशांत भाई . आखिर हम कब तक यूँ ही सहते रहेंगे . हम चुप नहीं रहेंगे :) :)

    तो का कल लोगे ??????????

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  4. वैसे एक मेल मुझे प्राप्त हुआ था, जिसमें यह साफ़ साफ़ दिखाया गया था कि जीवनसाथी वेबसाइट पर एक लड़की ने साफ़-साफ़ लिखा रखा था "सॉफ्टवेयर इंजीनियर, प्लीज एक्सक्यूज मी "

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  5. हम भी कभी ऐसे ही थे

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  6. अच्छा याद दिलाये अनिल भाई.. मुझे याद आया के रिसेशन की शुरुवात में एक मेल आया था की लड़कियां आई टी प्रोफेशनल को शादी के लिए प्रेफेर नहीं कर रही है.. फिर रिसेशन के बाद वह मेल आया जिसके बारे में आप चर्चा कर रहे हैं..
    लगे रहे भाई जान.. कहीं तो दाल गलेगी.. :P

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  7. पहले जमाने में नौकरी की को अच्छा नहीं माना जाता था विशेषकर रेल, मेल और जेल की ?
    नौकर तो नौकर ही रहेगा भले ही वो हो बिल गेट्स का

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  8. आपका परिचय प्राप्त कर अच्छा लगा!! :)

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  9. कंपनी पे कंपनी, कंपनी पे कंपनी, कंपनी पे कंपनी बदल ली मी लॉर्ड, लेकिन जॉब सैटिस्फेक्शन नहीं मिला.. कबतक, आखिर कबतक

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  10. ये सेटीस्फ़ेक्सन कंपनी देती है या जाब!
    या कोई गुप्त मुद्दा तो नहीं है :)

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