पहला टुकड़ा -
आज मेरे पापा-मम्मी कि बत्तीसवीं शादी कि सालगिरह है.. घर कि याद भी बहुत आ रही है..
दुसरा टुकड़ा -
कल ऑफिस में मुझे कुछ बहुत जरूरी काम है मगर ऑफिस आना बहुत मुश्किल लग रहा है.. आखिर कल तमिलनाडु बंद है.. अगर कल नहीं आया तो मुझे शनिवार को ऑफिस आना पड़ेगा, जो मैं नहीं चाह रहा हूं..
तीसरा टुकड़ा -
मैंने अभी घर(पटना) जाने का प्लान बना रखा था.. मेरी मित्र की शादी है 5 मई को कोलकाता में उसी के लिये.. बस इसी शादी में जाने के लिये मैं होली में भी घर नहीं गया था और अभी भी ऑफिस के चक्कर में मेरा जाना संभव नहीं हो पा रहा है.. बहुत लाचारी महसूस हो रही है.. :(
चौथा टुकड़ा -
यह कोई टुकड़ा नहीं है दोस्तों.. असल में आज कुछ लिखने का मन कर भी रहा है और नहीं भी कर रहा है.. तो सोचा कि क्यों ना कुछ लिखे भी दूं और ना भी लिखूं.. ;) और इसलिये मैंने यह टुकड़ों में बंटा पोस्ट ठेल दिया..
आज मेरे पापा-मम्मी कि बत्तीसवीं शादी कि सालगिरह है.. घर कि याद भी बहुत आ रही है..
दुसरा टुकड़ा -
कल ऑफिस में मुझे कुछ बहुत जरूरी काम है मगर ऑफिस आना बहुत मुश्किल लग रहा है.. आखिर कल तमिलनाडु बंद है.. अगर कल नहीं आया तो मुझे शनिवार को ऑफिस आना पड़ेगा, जो मैं नहीं चाह रहा हूं..
तीसरा टुकड़ा -
मैंने अभी घर(पटना) जाने का प्लान बना रखा था.. मेरी मित्र की शादी है 5 मई को कोलकाता में उसी के लिये.. बस इसी शादी में जाने के लिये मैं होली में भी घर नहीं गया था और अभी भी ऑफिस के चक्कर में मेरा जाना संभव नहीं हो पा रहा है.. बहुत लाचारी महसूस हो रही है.. :(
चौथा टुकड़ा -
यह कोई टुकड़ा नहीं है दोस्तों.. असल में आज कुछ लिखने का मन कर भी रहा है और नहीं भी कर रहा है.. तो सोचा कि क्यों ना कुछ लिखे भी दूं और ना भी लिखूं.. ;) और इसलिये मैंने यह टुकड़ों में बंटा पोस्ट ठेल दिया..



