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Tuesday, October 21, 2008

तेरे मेरे प्यार का ये रिश्ता कभी ना टूटे

नुसरत के गानों कि खूबी या खराबी जो कहना चाहें वह नाम दे सकते हैं.. वह यह कि जिसे उनका गाना अच्छा लगता है वह किसी और के गाये उसी गीत को कभी पसंद नहीं कर सकता है और जिसे उनके गाने अच्छे नहीं लगते हैं वह किसी भी हालत में उनकी आवाज नहीं सुन सकता है.. अब सुफ़ियाने गानों कि यह खूबी होती है कि जो भी चाहे वह उस गाने को अपनी आवाज और अपनी धुन से सजा सकता है.. यही कारण है कि एक ही गाने कई कई बार, कितने ही गायकों द्वारा और कितने ही अलग धुनों में आपको मिल सकता है.. मगर जिसने एक बार नुसरत की आवाज में कोई गीत सुन लिया, बस.. उसे कोई और आवाज सुहा ही नहीं सकती..

खैर आज मैं बात करता हूं सलाम नाम अलबम के ही अनसुने मगर खूबसूरत नगमों कि जो पिया रे कि जैसे शानदार गीत के सामने छुप सा गया था मगर यह सभी अपने आप में अनमोल नगीने से कम नहीं थे.. यह गीत भी रोमांस के रंग में डूबा हुआ एक बेहतरीन नगमा है जिसमे नुसरत के सुफियाने अंदाज और पाश्चात्य संगीत पर नुसरत के पकड़, दोनों को ही दिखाता है.. इसके बोल कुछ यूं हैं - "मेरे हाथ में, तेरा हाथ हो".. एक कल्पना जिसमें प्रेमिका का हाथ अपने हाथों में आने कि कल्पना में प्रेमी डूबा हुआ है और फिर उसे सारा जमाना अपना लगने लगता है.. इस अहसास को लिखा नहीं जा सकता है इसे बस सुन कर महसूस किया जा सकता है.. सो आप भी इसे महसूस करें..





मेरे हाथ में, तेरा हाथ हो..
महकी हुई, हर रात हो..
हो.. प्यार से जो दिल मिले सपने हैं खिले-खिले..
तेरे मेरे प्यार का ये रिश्ता कभी ना टूटे..
हमसे जमाना चाहे रूठे..

मेरे हाथ में, तेरा हाथ है..

हो.. दिल तुम्ही हो.. मेरी मंजिल तुम्ही हो..
दुनिया को भूल जाऊं मैं तेरे प्यार में..
हो.. दिल तुम्ही हो.. मेरी मंजिल तुम्ही हो..
दुनिया को भूल जाऊं मैं तेरे प्यार में..
सामने बिठा के तुझे प्यार करूं..
पूजा मैं तुम्हारी मेरे यार करूं..
देखे ये जमाना..
ओ मेरी जाने जाना..
संग रहना अपना..

तेरे मेरे प्यार का ये रिश्ता कभी ना टूटे..
हमसे जमाना चाहे रूठे..

मेरे हाथ में, तेरा हाथ है..

मेरे मन में..
ओ दिलबर तन बदन में..
आग लगाने लगी ठंढी ठंढी ये हवा..
ओ..मेरे मन में..
ओ दिलबर तन बदन में..
आग लगाने लगी ठंढी ठंढी ये हवा..
अंखियों में है नशा सा ये छाने लगा..
प्यार भड़ा दिल बहकाने लगा..
दिल है बेकाबू..
चल गया जादू..
आ गले लग जा..

तेरे मेरे प्यार का ये रिश्ता कभी ना टूटे..
हमसे जमाना चाहे रूठे..

मेरे हाथ में, तेरा हाथ है..

प्यार से जो..
मांगे तू जां मेरी..
जान क्या है तुम पे जमाना सारा वार दें..
प्यार की ऊमंगो को जगाया तूने..
जब से है अपना बनाया तूने..
ये चेहरा तुम्हारा..
है जीने का सहारा..
और कहूं मैं क्या?

तेरे मेरे प्यार का ये रिश्ता कभी ना टूटे..
हमसे जमाना चाहे रूठे..

मेरे हाथ में, तेरा हाथ है..
हो.. प्यार से जो दिल मिले सपने हैं खिले-खिले..


Sunday, October 19, 2008

नुसरत का एक गीत, जो मदहोश कर दे

आपने नुसरत का गीत पिया रे तो सुना ही होगा.. कई रियलिटी शो और म्यूजिक चैनल पर कई बार दिखाया जा चुका है.. आजकल इंडियन आयडल में भी १० गायकों में से १ तो ऐसा निकल ही जाता है जो यह गीत गाता है.. मगर क्या आपने इस अलबम के बाकी गीतों को सुना है? इस अलबम के बाकी गीत मुझे कई मायनो में पिया रे से कहीं आगे लगते हैं.. जिसमे से दो गीतों का मैं खास तौर पर कायल हूँ.. पहला गीत ओ जानेमन, ओ जानेजां.. हो कभी, मेहरबां.. और दूसरा गीत ये शाम, फिर नहीं आएगी..

सबसे पहले मैं चर्चा करना चाहूँगा ओ जानेमन गीत की.. यह धुन इस अलबम के भारत में आने से पहले ही एक सिनेमा में रिलीज हो चुकी थी.. जिसे सोनू निगम ने गाया था और उसका धुन नुसरत ने ही दिया था.. उसके बोल थे एक दिन कहीं, हम दो मिले.. और तीसरा कोई न हो.. इन दोनों गानों कि सबसे बड़ी खूबी यह थी कि दोनों ही गीत अपने आप में लाजवाब थी.. जीतनी खूबसूरती से नुसरत ने इसे गाया था, सोनू निगम ने भी इससे पूरा इन्साफ किया.. तू मेरा दिल, तू मेरी जान भी इसी धुन पर है जिसमे आप सूफियाना अंदाज देख सकते हैं.. जो मेरा सबसे पसंदीदा है..

अभी थोडी जल्दी हो रही है और गीत भी नेट पर नहीं मिल रहे हैं सो फिलहाल आप यह गीत सुनिए.. बाकि बाते बाद में करते हैं.. :)

गीत! सूफियाना अंदाज में..

तू मेरा दिल, तू मेरी जान..
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यह दूसरा गीत जो इतने रोमांटिक अंदाज में गाया गया है जिसे सुन कर कोई भी मदहोश हो जाए.. इसके एक एक शब्द से रोमांस झलकता सा नजर आता है.. सच कहूँ तो इस गीत को सुनने के पहले मैं कभी सोच भी नहीं सकता था की नुसरत इस तरह के गीत भी गा सकते हैं.. इसमे नुसरत ने संगीत की एक नयी ऊंचाईयों को छुवा है.. अपने आस पास के कई लोगो में मैंने पाया है की वह नुसरत को पसंद नहीं करते हैं जिसके पीछे सबसे बड़ा कारण होता है उसकी भाड़ी आवाज.. मगर इस गीत में उसने अपने भाड़ी आवाज को बेहद कोमलता से अपनी आवाज से सजाया है.. इसे आप भी सुने और अपनी राय बताये..


ये शाम फिर नहीं आयेगी..
ये शाम फिर नहीं आयेगी..

कुछ ना कहा तो,
कुछ ना सुना तो,
यूँ ही ढल जायेगी..

ये शाम फिर नहीं आयेगी..
ये शाम फिर नहीं आयेगी..

आज ही कर लो दिल कि बात,
कल पछताओगे..
आज अगर तुम पास ना आये,
फिर कब आओगे?
ये पल बीत गया तो जानम,
कहाँ जाओगे?
तन्हाई का दर्द कभी तुम,
सह ना पाओगे..

ये शाम फिर नहीं आयेगी..
ये शाम फिर नहीं आयेगी..

दिलरुबा.. ओ मेरे दिलरुबा..
क्या किया, ये तुमने क्या किया..
दिल मेरा, क्यों कहाँ खो गया..
पल में क्यों, तेरा ही हो गया..
जाने क्या नशा है तेरी आँखों में..
जादू सा भरा है तेरी बातों में..
सांसे तेरी महकी मेरी सांसो में..
तेरी ही झलक मेरी आँखों में..
तेरे सिवा है क्या?
दुनिया में मेरी जान..
तू है मेरी जिन्दगी.. पास आ...

ये शाम फिर नहीं आयेगी..
ये शाम फिर नहीं आयेगी..

आज हम ए सनम आज हम..
भूल कर दुनिया के रंजो गम..
ये कसम.. कसम है प्यार की..
साथ हो.. साथ हो हर कदम..
यूँ ही तेरी आँखों में मेरी आंखे हों..
छोटी-छोटी प्यार भरी बातें हो..
भींगी-भींगी रंग भरी शाम हों..
जागी-जागी यादें तेरी रातें हो..
तेरे सिवा है क्या?
दुनिया में मेरी जान..
तू है मेरी जिन्दगी.. पास आ...

ये शाम फिर नहीं आयेगी..
ये शाम फिर नहीं आयेगी..

कुछ ना कहा तो,
कुछ ना सुना तो,
यूँ ही ढल जायेगी..

ये शाम फिर नहीं आयेगी..
ये शाम फिर नहीं आयेगी..