आज सुबह अपने ऑफिस के एक मित्र के फोन से नींद खुली.. उन्होंने मुझे इससे पहले भी दो एस.एम.एस.भेज कर ऑफिस ना आने कि बात कही थी.. मगर मेरी तरफ से कोई उत्तर ना पाकर उन्होंने फोन किया.. उनसे पता चला कि आज ऑफिस को बंद कर दिया गया है.. पूरी टीम को ऑफिस आने से मना कर दिया गया है.. इसके बदले हमें किसी और दिन शनिवार या रविवार को काम करना परेगा.. तकनिकी भाषा में इसे कॉम्प ऑफ या कंपेन्सेशन ऑफ कहा जाता है..
हुआ ये कि पिछले शुक्रवार से हुई लगातार तेज वर्षा ने पूरे तमिलनाडु को अस्त-व्यस्त कर रखा है.. पूरे तमिलनाडु में अब तक 60 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और दक्षिण कि ओर जाने वाली अधिकतर रेलों को भी बंद कर दिया गया है.. मुख्यमंत्री करूणानिधि ने 100 करोड़ रूपये राहत कार्य में देने कि घोषणा भी कर रखी है.. तमिलनाडु में आये इस तूफान का नाम निशा रखा गया है.. मेरे कुछ तमिलनाडु के मित्र मुझसे पूछ रहे थे कि निशा का मतलब क्या है.. कितनी अजीब बात है ना, जहां तूफान आया हो वहीं के लोग उस तूफान के नाम का मतलब नहीं जानते हैं.. क्योंकि यह शुद्ध हिंदी शब्द है..
कल जब मैं ऑफिस से लौट रहा था उसी समय सोच रहा था कि कल ऑफिस जाते समय बहुत परेशानी का सामना करना परेगा.. अच्छी बात यह कि ऑफिस ही बंद कर दिया गया.. मुझे आज रात बैंगलोर के लिये निकलना था, मगर अब सोच रहा हूं कि कैसे जाऊं..
यह सेटेलाईट से लिये गये कुछ चित्र हैं जिसमें आप साफ देख सकते हैं कि किस तरह और किस आकार का यह चक्रवात था..
तबे एकला चलो रे।यह लड़ाई किससे है? कैसा है यह अंतर्द्वंद? लग रहा है जैसे हारी हुई बाजी को सजा रहा हूँ फिर से हारने के लिए । अंतर्द्वंद में कोई भी मैच टाई नहीं होता है,…Read More
और किताबों से 1.5 घंटे की दूरी बढ़ गयीमेरे लिये सबसे अच्छा समय किताबों को पढ़ने का बस में सफर करते समय होता था.. हर दिन सुबह में 1 घंटे और रात में लगभग 30 से 45 मिनट.. कुल मिलाकर 1.5 घंटे ह…Read More
मैं पागल हूंकल रात सोने से पहले मुझे इस ब्रह्मज्ञान का पता चला की मैं पागल हूं और आज जब मैंने अपने ब्लौग पर टिप्पणीयां देखी तो मन खुश हो गया की चलो एक पागल के पाग…Read More
एक कला और सिखला दोसपने बुनने कि कला,तुमसे सीखा था मैंने..मगर यह ना सोचा,सपने मालाओं जैसे होते हैं..एक धागा टूटने सेबिखर जाते हैं सारे..बिलकुल मोतियों जैसे..वो धागा टूट …Read More
अच्छा, यहां भी अमरीकी स्टाइल में नाम रखे जाने लगे!
ReplyDeleteयहां तो अच्छे अच्छे नाम हैं - ताड़का, पूतना! उनका प्रयोग नहीं किया गया।
haan, tamilnadu ki ye khabar hum bhi padh rahe hain, i hope aap log achi sthithi mein rahe.
ReplyDeleteयह तो मौसम की मार है, झेलनी पड़ेगी। पर इन्सानों की निर्मित मार झेल रही है मुंबई।
ReplyDeleteसब कुछ ही अस्त व्यस्त हो रहा है भाई.. क्या कहे
ReplyDeleteजी अच्छी जानकारी ! वैसे ज्ञान जी की बात पर आगे से ध्यान दिया जाए !
ReplyDeleteआज दिमाग सही नही है ! रामराम !
जरा पता तो लगाइए इसमें कोई विदेशी हाथ तो नहीं है?
ReplyDeleteतटिय प्रदेशो के लिये आज-तक समुद्री तूफानो की पूर्व सूचना देने वाला कोई भी सिस्टम नही बन पाया है इस देश मे,ये दुर्भाग्य् नही तो और क्या है.
ReplyDeleteबहुत अच्छा लिखा, लेकिन आज मन ठीक नही.
ReplyDeleteधन्यवाद