Friday, November 28, 2008

निशा अपना निशान छोड़ गई, चेन्नई अस्त-व्यस्त

आज सुबह अपने ऑफिस के एक मित्र के फोन से नींद खुली.. उन्होंने मुझे इससे पहले भी दो एस.एम.एस.भेज कर ऑफिस ना आने कि बात कही थी.. मगर मेरी तरफ से कोई उत्तर ना पाकर उन्होंने फोन किया.. उनसे पता चला कि आज ऑफिस को बंद कर दिया गया है.. पूरी टीम को ऑफिस आने से मना कर दिया गया है.. इसके बदले हमें किसी और दिन शनिवार या रविवार को काम करना परेगा.. तकनिकी भाषा में इसे कॉम्प ऑफ या कंपेन्सेशन ऑफ कहा जाता है..

हुआ ये कि पिछले शुक्रवार से हुई लगातार तेज वर्षा ने पूरे तमिलनाडु को अस्त-व्यस्त कर रखा है.. पूरे तमिलनाडु में अब तक 60 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और दक्षिण कि ओर जाने वाली अधिकतर रेलों को भी बंद कर दिया गया है.. मुख्यमंत्री करूणानिधि ने 100 करोड़ रूपये राहत कार्य में देने कि घोषणा भी कर रखी है.. तमिलनाडु में आये इस तूफान का नाम निशा रखा गया है.. मेरे कुछ तमिलनाडु के मित्र मुझसे पूछ रहे थे कि निशा का मतलब क्या है.. कितनी अजीब बात है ना, जहां तूफान आया हो वहीं के लोग उस तूफान के नाम का मतलब नहीं जानते हैं.. क्योंकि यह शुद्ध हिंदी शब्द है..

कल जब मैं ऑफिस से लौट रहा था उसी समय सोच रहा था कि कल ऑफिस जाते समय बहुत परेशानी का सामना करना परेगा.. अच्छी बात यह कि ऑफिस ही बंद कर दिया गया.. मुझे आज रात बैंगलोर के लिये निकलना था, मगर अब सोच रहा हूं कि कैसे जाऊं..



यह सेटेलाईट से लिये गये कुछ चित्र हैं जिसमें आप साफ देख सकते हैं कि किस तरह और किस आकार का यह चक्रवात था..

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8 comments:

  1. अच्छा, यहां भी अमरीकी स्टाइल में नाम रखे जाने लगे!
    यहां तो अच्छे अच्छे नाम हैं - ताड़का, पूतना! उनका प्रयोग नहीं किया गया।

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  2. haan, tamilnadu ki ye khabar hum bhi padh rahe hain, i hope aap log achi sthithi mein rahe.

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  3. यह तो मौसम की मार है, झेलनी पड़ेगी। पर इन्सानों की निर्मित मार झेल रही है मुंबई।

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  4. सब कुछ ही अस्त व्यस्त हो रहा है भाई.. क्या कहे

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  5. जी अच्छी जानकारी ! वैसे ज्ञान जी की बात पर आगे से ध्यान दिया जाए !
    आज दिमाग सही नही है ! रामराम !

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  6. जरा पता तो लगाइए इसमें कोई विदेशी हाथ तो नहीं है?

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  7. तटिय प्रदेशो के लिये आज-तक समुद्री तूफानो की पूर्व सूचना देने वाला कोई भी सिस्टम नही बन पाया है इस देश मे,ये दुर्भाग्य् नही तो और क्या है.

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  8. बहुत अच्छा लिखा, लेकिन आज मन ठीक नही.
    धन्यवाद

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