Wednesday, November 07, 2012

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सिगरेट
शराब
भाँग
अफीम
गांजा
अन्य कोई भी ड्रग
...
...
प्यार फिर
जिंदगी.
-- नशे को श्रेणीबद्ध करने पर निकला परिणाम

कुछ दिन पहले ऐसे ही आये ख्याल

13 comments:

  1. सबसे गहरा नशा तो जीवन का होता है, सदा ही बना रहे ।

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  2. एक दो तो अपने भी आजमाये हुये हैं:)

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    1. कौन-कौन से? यह राज भी खोल ही दिया जाए.

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    2. आद्यांत तो नहीं पर आदि भी और अंत भी.

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  3. सिगरेट
    शराब
    भाँग
    अफीम
    गांजा
    अन्य कोई भी ड्रग
    ...
    ...
    प्यार फिर
    जिंदगी ...

    बहुत खूब बंधुवर !

    वाऽह ! क्या बात है !
    बहुत पुराने ब्लॉगर हैं आप तो …
    अच्छा लगा आपकी कुछ पुरानी पोस्ट्स खंगाल कर भी…
    :)
    शुभकामनाओं सहित…

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    1. जी शुक्रिया.

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  4. कहाँ गुम हैँ आजकल?लगता है बात ठीक हो गयी :)

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    1. ठीक हो गया, क्या? :P

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  5. आज यहाँ पहुंचे तो पता लगा कि हम फोलो भी करते हैं इस ब्लॉग को....अब कुछ लिखेंगे नहीं तो dashbord में दिखेंगे कैसे :-)
    कविता का नशा भूल गए क्या आप ...???

    अनु

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    1. लिखेंगे. जब मन करेगा. बिना मन किये नहीं लिखा जाएगा हमसे. :-(

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