Wednesday, September 30, 2009

मुझे नहीं पढ़ना यह ब्लौग!!


जैसा कि मैं कई बार पहले भी अपने पुराने पोस्ट पर बता चुका हूं, मैं अधिकतर ब्लौग गूगल रीडर की सहायता से ही पढ़ता हूं.. कुछ ब्लौग ऐसे भी मिलते हैं जिसे कुछ दिनों तक देखने के बाद उसमें अपनी पसंद की कोई चीज नहीं मिलती है.. फिर उसे हटा देता हूं..

इसी फीड सब्स्क्रिप्शन/अनसब्स्क्रिप्शन के चक्कर में परेशान हूं.. एक ब्लौग है.. उसे सब्स्क्राईब किया था.. मगर बाद में उस पर अधिकतर सामाग्री किसी एक जाति विशेष से संबंधित पोस्ट होने लगे.. मैंने उसे अनसब्स्क्रिप्शन किया.. उस दिन वह नहीं दिखा.. मगर कुछ दिनों बाद वह वापस अपने उसी जगह पर दिखना शुरू हो गया.. मैं पूरी तरह से कंफ्यूज.. मुझे लगा जैसे मैंने उसे हटाया नहीं था.. फिर से हटाया.. मगर अगले दिन फिर से दिखने लगा..

अबकी बार मैंने उसे हटाने से पहले सारे कूकी और अस्थाई फाईल्स को डिलीट किया और उसे हटाने के बाद भी यही डिलिशन का काम दोहराया.. नतिजा सिफर.. आज फिर जब गूगल रीडर को खोल कर देखा तो पाया वह अपनी जगह पर शान से दिख रहा था और मेरा मुंह चिढ़ा रहा था..

कई साफ्टवेयर ऐसे भी आते हैं जिनका काम दूसरे साफ्टवेयरों को खोप समेत कबूतराय नमः करना होता है.. इन्हें साफ्टवेयर किलिंग कहते हैं.. लगता है अब गूगल रीडर किलिंग नाम का शब्द भी शब्दकोश में जोड़ने की जरूरत है.. ;)

किसी के पास अगर इस समस्या का समाधान है तो कृपया सूचित करें..

Related Posts:

  • बेटा हो जा जवान तेरी शादी करूंगाकुछ दिन पहले इरफ़ान भाई ने यह गीत अपने चिट्ठे पर लगाया था.. तभी से यह गीत जुबान पर चढ़ा हुआ है.. तो सोचा क्यों ना आज अपने बिटवा के बारे में लिखा जाये? व… Read More
  • शिव जी का लैप-टॉप और मेरा सरकल अचानक लवली का फोन उसके कोलकाता वाले नंबर से आया, फोन उठाते ही उसने कहा, "भैया पता है अभी मैं घर्रर्रर्र..(टेलीफोन की घरघराहट)" "क्या? किनके साथ हो?… Read More
  • एक कला और सिखला दोसपने बुनने कि कला,तुमसे सीखा था मैंने..मगर यह ना सोचा,सपने मालाओं जैसे होते हैं..एक धागा टूटने सेबिखर जाते हैं सारे..बिलकुल मोतियों जैसे..वो धागा टूट … Read More
  • प्रेम करने वाली लड़की जिसके पास एक डायरी थीउसके पास भी एक डायरी थी.. जिसे वह हर किसी से छुपा कर रखती थी.. जब वह कालेज जाती थी तब वह डायरी उसके कालेज बैग का एक हिस्सा होती थी.. और घर पहूंचने पर … Read More
  • एक माईक्रो पोस्ट- मेरी नई बाईकआज मैंने अपनी नयी बाईक कि बुकिंग कि है.. मैं नीले रंग कि मोटरसाइकिल खरीदना चाह रहा था जो मोटरसाइकिल डीलर के पास नहीं था और उसने बताया कि ट्रांसपोर्टरो… Read More

24 comments:

  1. गूगल रीडर के फीड में गूगल अकाउंट होल्डरों के आसन्न डाटा बसे होते हैं. जो enable या disable रूप में रहते हैं.
    मेरे विचार से फीड बर्नर का उपयोग सहजता से किया जा सकता है.

    ReplyDelete
  2. आप अपनी इस समस्या को labs+reader@google.com में मेल कर के सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

    ReplyDelete
  3. आपको समाधान मिले तो हमें भी बताना..:)

    ReplyDelete
  4. अच्छा, यह समस्या मुझे तो नजर नहीं आई। गूगल आपको प्रिय समझता है - तभी मजाक कर लेता है! :)

    ReplyDelete
  5. अपने को तो गूगल रीडर ज्यादा समझ नहीं आया।

    ReplyDelete
  6. समाधान मिल जाये तो जरूर बताईयेगा
    यही समस्या मेरी भी है

    प्रणाम

    ReplyDelete
  7. प्रशांत भाई सबसे अच्छा तरीका है कि आप उसे अनदेखा करके जहाँ रंग ही रंग बिखरे हो उस ब्लोग पर चले जाईए बस अगली बार से देखेगा नहीं :)

    ReplyDelete
  8. भाई हमे तो कभी ऎसी कठिनाई नही आई, लेकिन जब आप इसे ब्लांग लिस्ट से हट दे तो फ़िर भी आये तो देखे कही आप ने इसे Reading list मे तो नही डाल रखा, क्योकि रीडीग लिस्ट मे होगा तो फ़िर दोवारा आ जायेगा, अगर यह इलाज भी काम ना आया तो लिखे.
    धन्यवाद,

    ReplyDelete
  9. भाई अपने लिये काला अक्षर भैंस बराबर..ये रीड और रीडर अपने समझ नही आता..आपको अगर "ओम कबूतराय नमः" करवाना हो तो दक्षिणा का ईंतजाम करें वो हम करवा देंगे.:)

    रामराम.

    ReplyDelete
  10. अब तक तो ऐसी समस्या नहीं आई. लेकिन कभी भी आ सकती है, लग तो यही रहा है :)

    ReplyDelete
  11. बहुत समस्या है ।

    ReplyDelete
  12. हम तो फीड रीडर का इस्तेमाल ही नहीं करते.

    ReplyDelete
  13. जहाँ तक मैं समझ पा रहा हूँ आपने उस ब्लॉग को follow किया होगा सो वह फीडर से सीधे unsubscribe नहीं होगा !!


    सो सीधा तरीका है की वह ब्लॉग पेज खोलिए ...... गूगल फ्रेंड कनेक्ट से ब्लॉग को लोगिन करने के बाद follow को unfollow कर लें .... बशर्ते वह ब्लॉग प्राईमरी का मास्टर न हो???



    शायद यह टोटका काम कर जाए !!
    बताइयेगा जरूर !!

    ReplyDelete
  14. अपन तो इन मामलों में जीरो हैं...क्या कहें?

    ReplyDelete
  15. मुझे गूगल रीडर के बारे में समझ में नहीं आता. जो पसंद नहीं, वह ब्लॉग पढना ज़रूरी नहीं है.

    ReplyDelete
  16. GOOGLE READER KI TO APNE KO BHI SANAJH NAHI HAI BHAI ...... KYA KAREN AB .....

    ReplyDelete
  17. आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद यहां आने के लिये.. चलिये मुझे मेरा उत्तर तो मिल ही गया.. मैंने उसे फ़ौलो कर रखा था, और मेरा उस तरफ ध्यान ही नहीं गया था.. प्राईमरी के मास्साब जी का आभार.. वैसे अवधिया जी द्वारा दिये गये ईमेल आई.डी. को भी सुरक्षित कर लिया है मैंने.. :)

    ओपेरा भी ट्राई किया जिसका सुझाव रवि जी ने दिया है.. पहली नजर में वह बहुत बढ़िया लगा..

    ReplyDelete
  18. chaliye acchha hai ki aapko us blog se chutkaara mil gaya....

    ReplyDelete
  19. .... कहीं वह ब्लॉग "प्राईमरी का मास्टर" तो न था ???

    यह बताया नहीं आपने!!
    (मियां की जूती मियां के सर )


    वैसे अब तक गूगल रीडर के बारे में कोई कोई हिन्दी ट्युटोरियल अब तक उपलब्ध नहीं है ???

    ReplyDelete