Wednesday, September 24, 2008

शिव जी कि खुशी का राज

आजकल शिव जी बहुत खुश दिखाई दे रहे हैं.. आखिर हो भी क्यों ना? घर में लैंड लाईन कनेक्शन जो लग गया है.. अरे भाई, माना की यह कनेक्शन बी.एस.एन.एल. का नहीं है, एयरटेल का है.. पर क्या हुआ, आखिर है तो लैंडलाईन ही ना.. अब बिहार के लोगों को क्या पता चलेगा कि चेन्नई में एयरटेल और बी.एस.एन.एल. के नंबरों में अंतर क्या होता है, वो तो बस यही देखेंगे कि लैंड लाईन है या नहीं? अब कोई भी लड़की वाले उसके लिये रिश्ता लेकर आयेंगे तो रिश्ता शिव को पसंद होने पर भी उसे तोड़कर नहीं जायेंगे.. आखिर हम भी अब लैंड लाईन वाले हो गये हैं..

ये वाकया कुछ ऐसा है कि हम लोगों ने अभी घर में ब्रॉडबैंड कनेक्शन लिये हैं.. और उसी कनेक्शन के लिये हमने एयरटेल का लैंड लाईन भी लगवाया है.. चलो भाई, ब्रॉडबैंड कनेक्शन के बहाने अब हम भी लैंड लाईन वाले हो गये हैं.. और सबसे ज्यादा शिव खुश है इस बात पर..

वैसे भी आज-कल शिव पर खुशियों का पहाड़ टूट पड़ा है.. ऑफिस में उसकी टीम सिनेमा देखने का प्लान बना रही है और इस शुक्रवार को देखने भी जा रही है.. अब सिनेमा तो सिनेमा है.. कला को भला कोई जाति-पाती, धर्म-भाषा में बांध कर रख सका है भला? सो उन्होंने विचार किया कि तमिल सिनेमा देखने में भी कोई बुराई नहीं है.. और बन गया प्लान तमिल सिनेमा देखने का.. शिव बहुत खुश है कि इस शुक्रवार को तमिल सिनेमा देखने जा रहा है..

एक और खुशी इस कारण से है कि अभी वो घर जा रहा है.. अब कोई घर जाकर खुश क्यों ना हो भला? मगर उसकी खुशी दोगुनी तब हो गई जब उसने सुना कि उसके ऑफिस की टीम छुट्टियां मनाने ऊंटी जा रही है.. और वो भी तब जब वो अपने घर में होगा.. अब अपने टीम के साथियों को खुश देखकर, जिनके साथ आज-कल वो अपना सबसे ज्यादा समय बिताता है, शिव भला खुश क्यों ना हो? इसे ही कहते हैं टीम स्पिरीट..

शिव तो बेचारा शर्मीला प्राणी है.. अपने जबान से कुछ ना कहेगा.. मगर आप सभी भी उसकी इन खुशियों में शामिल होकर उसे बधाईयां देते जाये.. वो कहते हैं ना खुशियां बांटने से बढती है.. तो उसकी इस तिगुनी खुशी को छः गुनी या फिर साठ गुनी कर दें..

अरे सोच क्या रहे हैं? बस अभी से चालू हो जायें..

इसे पढने वाले यह ना समझ लें कि मैं शिव कुमार मिश्र जी के बारे में लिख रहा हूं.. यह तो हैं हमारे पुराने मित्र शिवेन्द्र कुमार गुप्ता जी..

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5 comments:

  1. शिव कुमार जी की खुशियाँ कायम रहें।

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  2. पहला ख्याल तो ये ही आया हेडर देखकर कि आप उन शिव की बात कर रहे है जिनकी हम समझ रहे थे ना कि उनकी जिनकी कि आप सब को समझाना चाहते थे। पर जो भी है खुश रहें आपके शिव जी और साथ ही शिव कुमार मिश्र जी भी।

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  3. इस खुशी के मौके पर पार्टी होनी चाहिए !

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  4. पार्टी जारी रखिये...

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  5. हमारे भी मित्र हैं..
    मगर आजकल लगता है खुशियाँ मानाने में बहुत व्यस्त हैं...

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