Wednesday, October 22, 2008

भैया के जन्मदिन पर ओ गदही बोलने वाली चिड़िया के नाम एक पोस्ट और

कल रात घर पर फोन से बातें हुई.. बातें शुरू होते ही बातों का रूख अचानक से मेरे चिट्ठे की ओर घूम गया.. एक एक करके सभी "एक चिड़िया जो ओ गदही पुकारती थी" वाले पोस्ट पर अपने विचार व्यक्त करने लगे.. यूं तो मुझे पता है कि मेरे हर पोस्ट को मेरे घर में सभी पढते हैं मगर मेरे उस पोस्ट पर कल पहली बार भैया कमेंट...

Tuesday, October 21, 2008

२४ घंटे, जो ख़त्म होता सा ना दिखे (भाग दो)

अमित की कलम सेयहां भाग एक हैअंततः उसने मुझे पैसा वापस कर ही दिया और मैं बस से उतर गया.. अब तक हद हो चुकी थी.. मैं वापस बस स्टैंड आया इस आशा में कि कोई ना कोई बस मिल ही जायेगा और् आश्चर्यमिश्रित खुशी के साथ मैंने पाया कि एक बस थी भी वो भी AC बस.. मैंने फिर एक दौड़ लगायी और पहुंचा उसके कंडक्टर के पास.....

तेरे मेरे प्यार का ये रिश्ता कभी ना टूटे

नुसरत के गानों कि खूबी या खराबी जो कहना चाहें वह नाम दे सकते हैं.. वह यह कि जिसे उनका गाना अच्छा लगता है वह किसी और के गाये उसी गीत को कभी पसंद नहीं कर सकता है और जिसे उनके गाने अच्छे नहीं लगते हैं वह किसी भी हालत में उनकी आवाज नहीं सुन सकता है.. अब सुफ़ियाने गानों कि यह खूबी होती है कि जो भी चाहे वह...

Sunday, October 19, 2008

नुसरत का एक गीत, जो मदहोश कर दे

आपने नुसरत का गीत पिया रे तो सुना ही होगा.. कई रियलिटी शो और म्यूजिक चैनल पर कई बार दिखाया जा चुका है.. आजकल इंडियन आयडल में भी १० गायकों में से १ तो ऐसा निकल ही जाता है जो यह गीत गाता है.. मगर क्या आपने इस अलबम के बाकी गीतों को सुना है? इस अलबम के बाकी गीत मुझे कई मायनो में पिया रे से कहीं आगे लगते...

Saturday, October 18, 2008

एक खास मित्र का परिचय

ज्ञान जी के चिट्ठे पर कुछ दिन पहले पढा था कि अगर किसी चिट्ठाकार को विश्वनाथ जी जैसे 3-4 पाठक मिल जायें तो उनका चिट्ठाकारी जीवन सफल हो जाये.. कुछ उसी तर्ज पर मैं कहना चाहता हूं कि अगर मनोज जैसा एक मित्र भी गलती से किसी को जीवन में मिल जाये तो उसका जीवन सफल हो जायेगा.. कुछ दिन पहले मैंने अपने मित्र मनोज...

एक चिड़िया जो ओ गदही पुकारती थी

मुझे उस चिड़िया का नाम पता नहीं है जो ओ गदही पुकारती थी.. हम तीनों भाई-बहन बहुत छोटे थे उस समय.. मैं छठी कक्षा में था, भैया आठवीं में और दीदी नौंवी में.. पापाजी हम तीनों को अलग-अलग नामों से पुकारते थे.. मुझे पुछरू(अब इस नाम...

Thursday, October 16, 2008

दूसरी बकवास - अर्चना ऐ ईनो

परसो कि बात है.. मैं अपने आफिस के एक साथी के साथ उसके बाईक से घर लौट रहा था.. यूं ही बातें भी हो रही थी.. बातों ही बातों में हिंदी सिनेमा के ऊपर बातें होने लगी.. उन्हें हिंदी टूटी-फूटी समझ में आ जाती है.. सो हिंदी सिनेमा का खूब लुत्फ़ भी उठाते हैं.. बाते करते करते अचानक से उन्होंने पूछा.. Hey! What was...

Wednesday, October 15, 2008

मत पढिये इसे, सब बकवास लिखा है

आज 2-3 शीर्षकों के ऊपर मैं चर्चा करना चाहूंगा जिसके बाद बुद्धिजिवी वर्ग के प्राणी बहस तक कर सकते हैं कि क्या इस तरह की चिट्ठाकारी को आप साहित्य का दर्जा दे सकते हैं? और उन लोगों का भ्रम भी टूटेगा जो चिट्ठाकारिता को एक साहित्य...

Sunday, October 12, 2008

इंतजार है मुझे(एक कविता मनोज द्वारा)

जाने किसका इंतजार है मुझे..जब घर में अकेला होता हूं मैं,सन्नाटों से घिरा होता हूं मैं..कोई आहट सी होती है तो,चौंक जाता हूं..दरवाजे पर निगाहें टिकी होती है,दस्तक कोई दे रहा हो जैसे..जाने किसका इंतजार है मुझे..अखबारों को पलटते...

Saturday, October 11, 2008

अंततः मैं इंडियन आयडल में चुन लिया गया :)

मेयांग चांग - ये है इंडियन आयडल का चेन्नई चैप्टर.. मंदिरों और खूबसूरत समुद्र तट के लिये प्रसिद्ध इस शहर में हम आये हैं साल 2008 के इंडियन आयडल के लिये संगीत के जूनूनी लोगों का चुनाव करने.. तो आप क्या सोचते हैं? क्या आज हम इस शहर से अपने सपनों के गायक का चुनाव कर पायेंगे? दिपाली - कहीं उत्साह है तो कहीं...

Friday, October 10, 2008

इंतजार भी कितनी खूबसूरत होती है.. है ना?

इंतजार भी कितनी खूबसूरत होती है.. एक ऐसा इंतजार जो कभी लगता है,खत्म ना ही हो तो अच्छा है..दिल को सकून तो मिलता है,कि तुम भी शायद इसी इंतजार में हो..मेरे इंतजार में..भुलावे में जीना भी कभी-कभीजीने कि वजह बन जाती है..तुम कभी वापस मत आना..शायद यह खुशफहमी खत्म ना हो जाये..जीने की वजह ही खत्म ना हो जाये..तुम...

Tuesday, October 07, 2008

२४ घंटे, जो ख़त्म होता सा ना दिखे

मेरे मित्र अमित द्वाराअमूमन मैं इतना लम्बा नहीं लिखता हूँ.. उतना धीरज ही नहीं है की लिखू.. पता नहीं क्यों आज लिखने का मन कर रहा है और आज लिख रहा हूँ.. इससे पहले भी मेरे साथ बहुत साड़ी अजीबोगरीब घटनाएं हो चुकी हैं.. मगर आमतौर से मैं बांटता नहीं हूँ और बांटता भी हूँ तो बहुत कम लोगो से..शुरु से शुरु करते...

Saturday, October 04, 2008

तुम बहुत दुबले हो, इज दिस राईट फौर यू?

एक दिन जब मैं मोटा हो जाऊंगा तब,हवायें उड़ा ना पायेंगी मुझे..लोग मुझे मोटा कहकर पेपरवेट कि तरह,मेरी बातों को दबाने का प्रयास भी किया करेंगे..किसी मटके सा मेरा पेट होगा, गालें फुली होंगी चर्बी से..किसी मोटे सेठ सा मेरा हुलिया होगा लोग मुझे उसी स्तर का समझ सलाम ठोकेंगे..गरीबी रेखा से नीचे वालों के लिये,मैं...

Friday, October 03, 2008

धुम्रपान निषेध और मेरे कुछ अनुभव

कल से पूरे भारत में धुम्रपान संबंधित कई तरह के नये नियम लागू किये गये.. उसका असर मुझे अपने घर के आस-पास भी देखने को मिला.. सुबह-सुबह अपनी बाल्कनी से झांका तो मुझे एक पुलिसवाला पार्किंग स्थल पर घूमता हुआ मिला जो लगभग हा 1...

Wednesday, October 01, 2008

नये न्यूज चैनल VMM का खबरिया, प्रशान्त

नमस्कार!! आप देख रहे हैं VMM न्यूज चैनेल.. आज का समाचार आप प्रशान्त प्रियदर्शी से सुनने जा रहे हैं.. आज के मुख्य समाचार इस प्रकार हैं..*शिवेन्द्र अपने घर बीबीपुर, छपरा के लिये रवाना, वडापलानी चिड़ियाघर में खुशियों का सा माहौल..*वडापलानी चिड़ियाघर में इंडियन आईडल का धमाल..*कोलकाता में त्योहारों का उल्लास...