कुछ दिन पहले रेडियोवाणी में गाईड से संबंधित कुछ कड़ियां पढाई जा रही थी और उसी के गीत अंतर्मन के किसी हिस्से में कहीं गूंज रहे थे जो कभी शब्दों का भी रूप लेकर होंठों से भी निकल रहे थे.. यूं ही ना जाने कैसे वे शब्द मेरे मित्र विकास के मोबाईल में भी जगह पा गई.. मैंने सोचा क्यों ना वो बेतकल्लुफी से निकले अल्फ़ाज को अपने चिट्ठे पर भी पोस्ट कर डालूं..
अब सबसे बड़ी मुसिबत ये थी की .AMR फाइल को कैसे .MP3 मे बदलूं.. इसका सबसे आसान मगर थका देने वाला रास्ता ये था की अपना माईक्रोफोन ऑन करके मोबाईल से उस गाने को बजा कर .MP3 में रिकार्ड कर लो.. और दूसरा रास्ता ये सूझा की क्यों ना कुच गूगल पर सर्च करके देखूं शायद ऐसा कोई साफ्टवेयर मिल जाये जिससे इसका कोई आसान हल मिले और आसानी से .MP3 में कन्वर्ट भी हो जाये..
रविवार को ना जाने क्यों सुबह-सुबह 6:30 नींद खुल गई जबकी पिछली रात भी देर से सोया था.. नींद तो खुल गई मगर बिस्तर से उठने का मन नहीं हुआ और लेटे-लेटे ही अपना लैपटॉप और गूगल से खेलने लगा.. अंततः लगभग 30 मिनट सर्च करने एक साफ्टवेयर मिला जिसने अपना काम बखूबी किया उस गाने को .MP3 में बदलने का.. अब अगला पड़ाव था उस गाने को पॉडकास्ट करने का.. चूंकि मैंने पहले कभी कोई आवाज को अपलोड करके पॉडकास्ट नहीं किया था सो मुझे लाईफलागर के अलावा किसी दूसरे साईट की जानकारी भी नहीं थी और लाईफलागर सही काम नहीं कर रहा था.. मैंने फिर सर्च करना शुरू किया की कहीं से कुछ असान तरीका मिले जिससे मैं इस गाने को पॉडकास्ट कर सकूं.. घंटे भर में लगभग 100 से ऊपर साईटों को डेखा और परखा मगर मेरे काम का कोई नहीं मिल रहा था..
अब सोचा इतनी मेहनत करने से तो अच्छा है किसी की मदद ले ली जाये और सबसे पहले ज़ेहन में युनूस जी का नाम कौंधा.. मैंने उन्हें फोन लगाया और अपनी समस्या बताई, उन्होंने कहा कि इंटरनेट आर्काईव डाट ओआरजी पर जाकर अपलोड कर दो और वहीं से तुम्हें प्लेयर भी मिल जायेगा.. मैंने उनके बताये राह पर चलते हुये फिर से अपना कार्य प्रारंभ किया.. मगर पहली बार अपलोडिंग का कार्य सफल नहीं हुआ.. मैंने दूसरी बार कोशिश की और एक और असफलता हाथ लगी.. तीसरा-चौथा प्रयास भी असफल होने के बाद मैंने फिर से युनूस जी का नंबर घुमाया.. और इस तरह मैं उन्हें लगभग दो घंटे परेशान करता रहा और वो भी पूरे धैर्य के साथ मुझे बताते रहे.. अंततः मैंने वो .MP3 फाईल उन्हें मेल कर दिया की आप ही चेक करके बताइये की दिक्कत कहां पर है..
फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे गूगल टॉक पर पिंग किया और मुझे सारे लिंक के साथ पॉडकास्ट का HTML कोड भी दे दिया.. मतलब उन्होंने मेरा सारा काम ही कर डाला.. बाद में मुझे पता चला की मेरे कनेक्सन में कोई दिक्कत थी जिसके कारण वो फाईल ठीक से अपलोड नहीं हो पा रही थी.. आज मैं ये जो पॉडकास्ट कर रहा हूं उसका सारा श्रेय मैं युनूस जी को देता हूं.. क्योंकि ना वो रेडियोवाणी में गाईड को सुनवाते ना मैं ये गीत गाता और अगर गलती से गा भी लेता तो बिना युनूस जी की मदद के अपलोड करके पॉडकास्ट कहां करता?:)
अब आप ये गीत सुने और बतायें कैसी है? वैसे मेरा अपना फीडबैक ये है कि मैंने इस गीत को बहुत धीमा गाया है और कहीं-कहीं उच्चारण में भी गड़बड़ है.. जैसे हुश्न को मैं हुस्न उच्चारित कर रहा हूं..
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अब सबसे बड़ी मुसिबत ये थी की .AMR फाइल को कैसे .MP3 मे बदलूं.. इसका सबसे आसान मगर थका देने वाला रास्ता ये था की अपना माईक्रोफोन ऑन करके मोबाईल से उस गाने को बजा कर .MP3 में रिकार्ड कर लो.. और दूसरा रास्ता ये सूझा की क्यों ना कुच गूगल पर सर्च करके देखूं शायद ऐसा कोई साफ्टवेयर मिल जाये जिससे इसका कोई आसान हल मिले और आसानी से .MP3 में कन्वर्ट भी हो जाये..
रविवार को ना जाने क्यों सुबह-सुबह 6:30 नींद खुल गई जबकी पिछली रात भी देर से सोया था.. नींद तो खुल गई मगर बिस्तर से उठने का मन नहीं हुआ और लेटे-लेटे ही अपना लैपटॉप और गूगल से खेलने लगा.. अंततः लगभग 30 मिनट सर्च करने एक साफ्टवेयर मिला जिसने अपना काम बखूबी किया उस गाने को .MP3 में बदलने का.. अब अगला पड़ाव था उस गाने को पॉडकास्ट करने का.. चूंकि मैंने पहले कभी कोई आवाज को अपलोड करके पॉडकास्ट नहीं किया था सो मुझे लाईफलागर के अलावा किसी दूसरे साईट की जानकारी भी नहीं थी और लाईफलागर सही काम नहीं कर रहा था.. मैंने फिर सर्च करना शुरू किया की कहीं से कुछ असान तरीका मिले जिससे मैं इस गाने को पॉडकास्ट कर सकूं.. घंटे भर में लगभग 100 से ऊपर साईटों को डेखा और परखा मगर मेरे काम का कोई नहीं मिल रहा था..
अब सोचा इतनी मेहनत करने से तो अच्छा है किसी की मदद ले ली जाये और सबसे पहले ज़ेहन में युनूस जी का नाम कौंधा.. मैंने उन्हें फोन लगाया और अपनी समस्या बताई, उन्होंने कहा कि इंटरनेट आर्काईव डाट ओआरजी पर जाकर अपलोड कर दो और वहीं से तुम्हें प्लेयर भी मिल जायेगा.. मैंने उनके बताये राह पर चलते हुये फिर से अपना कार्य प्रारंभ किया.. मगर पहली बार अपलोडिंग का कार्य सफल नहीं हुआ.. मैंने दूसरी बार कोशिश की और एक और असफलता हाथ लगी.. तीसरा-चौथा प्रयास भी असफल होने के बाद मैंने फिर से युनूस जी का नंबर घुमाया.. और इस तरह मैं उन्हें लगभग दो घंटे परेशान करता रहा और वो भी पूरे धैर्य के साथ मुझे बताते रहे.. अंततः मैंने वो .MP3 फाईल उन्हें मेल कर दिया की आप ही चेक करके बताइये की दिक्कत कहां पर है..
फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे गूगल टॉक पर पिंग किया और मुझे सारे लिंक के साथ पॉडकास्ट का HTML कोड भी दे दिया.. मतलब उन्होंने मेरा सारा काम ही कर डाला.. बाद में मुझे पता चला की मेरे कनेक्सन में कोई दिक्कत थी जिसके कारण वो फाईल ठीक से अपलोड नहीं हो पा रही थी.. आज मैं ये जो पॉडकास्ट कर रहा हूं उसका सारा श्रेय मैं युनूस जी को देता हूं.. क्योंकि ना वो रेडियोवाणी में गाईड को सुनवाते ना मैं ये गीत गाता और अगर गलती से गा भी लेता तो बिना युनूस जी की मदद के अपलोड करके पॉडकास्ट कहां करता?:)
अब आप ये गीत सुने और बतायें कैसी है? वैसे मेरा अपना फीडबैक ये है कि मैंने इस गीत को बहुत धीमा गाया है और कहीं-कहीं उच्चारण में भी गड़बड़ है.. जैसे हुश्न को मैं हुस्न उच्चारित कर रहा हूं..
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