Wednesday, September 30, 2009

मुझे नहीं पढ़ना यह ब्लौग!!

जैसा कि मैं कई बार पहले भी अपने पुराने पोस्ट पर बता चुका हूं, मैं अधिकतर ब्लौग गूगल रीडर की सहायता से ही पढ़ता हूं.. कुछ ब्लौग ऐसे भी मिलते हैं जिसे कुछ दिनों तक देखने के बाद उसमें अपनी पसंद की कोई चीज नहीं मिलती है.. फिर...

Tuesday, September 29, 2009

ब्लौगवाणी के बाद हिंदी चिट्ठाकारिता की दिशा क्या हो सकती थी?

अभी-अभी नेट पर बैठा.. हर दिन की तरह दिन की शुरूवात ब्लौगवाणी से नहीं की.. सोचा कि वह तो बंद हो चुकी है.. मगर जैसे ही अपने ब्लौग पर गया तो पाया कि ब्लौगवाणी के विजेट पर कल के मैसेज के बदले ब्लौगवाणी का लोगो दिख रहा है.. देखकर मन प्रसन्न हो गया.. ब्लौगवाणी का मैसेज भी पढ़ा जिसका लिंक यहां है.. ब्लौगवाणी...

Monday, September 28, 2009

बधाई हो, ब्लौगवाणी बंद हो गया है!!!

अंततः ब्लौगवाणी बंद हो गया.. मेरी नजर में अब हिंदी ब्लौगिंग, जो अभी अभी चलना सीखा था, बैसाखियों पर आ गया है.. मैथिली जी में बहुत साहस और विवेक था जो इसे इतने दिनों तक चला सके.. शायद मैं उनकी जगह पर होता तो एक ऐसा प्लेटफार्म,...

Saturday, September 26, 2009

गौतम जी अन्य फौजियों से अलग तो नहीं? फिर ये संवेदनहीनता क्यों?

बस अभी अभी खबर मिली कि हमारे प्रिय गौतम जी जख्मी हैं.. आतंकवादिओं से हमारे देश की रक्षा करते हुये कंधे पर गोली खायी और अभी अस्पताल में हैं.. जैसे ही इसे अनुराग आर्य जी के ब्लौग पर पढ़ा, एक झटका सा लगा.. अधिक छानबीन की तो...

Friday, September 25, 2009

जिन्हें गुमान था कि वे सितारे हैं, शायद वह टूट गया

आज दोपहर में मैं खाना खाने के लिये अपने दफ़्तर के ठीक बगल में अवस्थित रेस्टोरेंट "पेलिटा नासी कांधार" गया.. कुछ हद तक कह सकते हैं कि वह चेन्नई के कुछ प्रसिद्ध रेस्टोरेंट्स में से एक है.. कारण यह कि वहां मलेशियन खाना अच्छे गुणवत्ता के साथ मिलता है..मेरे साथ तीन और लोग थे, और वे तीनों तेलगु हैं.. हमने...

Friday, September 18, 2009

दो बजिया वैराग्य

मम्मी की बातों में अक्सर जहां एक मां की ममता का आवेश छिपा होता है वहीं पापा कि बातों में एक विद्वता का पुट और पूरे जीवन भर के अनुभव का निचोर मिलता है.. जब कभी मानसिक रूप से कमजोर होता हूं तो मम्मी को हमेशा साथ पाता हूं.....

Wednesday, September 16, 2009

आई.टी. में प्रतिदिन कार्यावधि अधिक होने के कुछ प्रमुख कारण

मेरे पिछले पोस्ट पर दिनेश जी ने कुछ प्रश्न पूछे थे, और स्वप्नदर्शी जी ने अपने कुछ अनुभव बांटे थे..दिनेश जी ने कहा - एक पहलू से आप की बात सही है। लेकिन यह समझ नहीं आई कि आईटी वालों को 16-16 घंटे क्यों काम करना पड़ता है जब कि अनेक आईटी प्रवीण बेरोजगार हैं। यह गैरकानूनी भी है और मानव स्वास्थ्य की दृष्टि...

Tuesday, September 15, 2009

आई.टी. क्षेत्र में लड़कियां

अगर इक्का-दुक्का अपवादों को छोड़ दिया जये तो मुझे ध्यान में नहीं आता है कि कभी किसी महिला को मैं आई.टी. क्षेत्र में प्रोजेक्ट मैनेजर से ऊपर वाले पोस्ट पर कभी देखा हूं.. किसी अच्छे आई.टी. कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर बनने के लिये औसतन कम से कम 8-10 साल चहिये, और कम से कम 3-4 साल पोजेक्ट मैनेजर पर अच्छे...

Friday, September 11, 2009

आज से ठीक एक साल पहले कि एक पोस्ट

पिछले साल आज के ही दिन मैंने एक पोस्ट लिखी थी, जो मेरे द्वारा लिखी गई सबसे छोटी पोस्ट है.. जिसमें सिर्फ पांच शब्दों का प्रयोग किया गया था.. अब आप इसे माईक्रो ब्लौगिंग भी नहीं कह सकते हैं, यह तो उससे भी छोटा था.. मगर उस पर आये कमेंट्स मजेदार थे.. आज इसे ही पढ़िये.. आज सात साल हो गये आज सात साल हो...

Wednesday, September 09, 2009

पिछले एक महिने का लेखा जोखा

कुछ किताबें जो पढ़ी गई -साहित्य -1. मुर्दों का टीला (हिंदी)2. वोल्गा से गंगा (हिंदी)3. कतेक डारीपर (मैथिली)4. मेघदूतम (मैथिली)5. चार्वाक दर्शन (हिंदी)तकनीक -1. ProvideX Language Reference2. Work Order in ERP System.3. Job Cost in ERP System.4. Software Engineering - Roger S. Pressman (अभी भी पढ़ी जा...

Friday, September 04, 2009

रात ख्वाब की कुछ कतरनें

पिछले कुछ दिनों से भैया से बात नहीं हुई है.. अधिकांशतः भाभी से ही बात करके फोन रख देता हूं.. कल रात सपने में भैया को देखा.. क्या देखा यह कुछ ठीक से याद नहीं है, मगर उसमें उन बचपन के दिनों की झलक थी जो कहीं मन के सूदूर कोने...

Wednesday, September 02, 2009

ओनम के अवसर पर मेरे ऑफिस में फूलों से बनी कुछ रंगोली

ओनम के अवसर पर मेरे ऑफिस में 31 अगस्त को फूलों से बने रंगोली की प्रतियोगिता रखी गई थी.. उसमें जितने रंगोली बनाये गये थे उन सभी की तस्वीर मैंने अपने मोबाईल कैमरा से उतार ली थी.. सबसे नीचे वाली रंगोली को विजेता घोषित किया...