Wednesday, May 27, 2009

बाऊ भैया अंततः बाऊ पप्पा बन ही गये

हमारे एक भैया हैं(बड़े चाचा के लड़के).. यूं तो उनका पूरा नाम प्रभाष रंजन है मगर हम उन्हें बाऊ भैया के नाम से ही जानते हैं.. हम सभी भाई-बहनों में सबसे बड़े, और मुझसे छः साल बड़े हैं.. अभी भारतीय जल सेना, मुंबई में कर्यरत हैं..मैंने जब से होश संभाला है तब से उन्हें घर में देखा था, वो हमलोगों के साथ ही रहते...

Friday, May 22, 2009

अथ श्री रजिस्टर कथा

सुबह-सुबह पूजा कि बक-बक में आप सभी ने पढ़ा होगा "दास्ताने लेट रजिस्टर(पढ़ना ना भूलें, नहीं तो इस कथा का पुण्य पुरा नहीं मिलेगा)".. तो एक रजिस्टर कथा मेरी तरफ से भी सुन ही लें.. इसे सुनने वाले को 10 दिनों तक किसी भी प्रकार के रजिस्टर से छुटकारा मिल जाता है.. ना तो उसे किसी रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने पड़ते...

Thursday, May 21, 2009

वोट कटुवा के रोल में Knight Riders

यूं तो राजनीति तो हर जगह होती है, चाहे वो कोई खेल हो या नौकरी करने वाली जगह हो या फिर आम जिंदगी में आस-पड़ोस के लोगों के साथ मिलकर रहना हो या फिर रिश्तों को निभाना हो.. मगर यहां आई.पी.एल. में तो वोट कटुवा वाली स्थिती भी पैदा...

Monday, May 18, 2009

प्रभाकरण कि मौत तमिल लोगों कि नजर से

थोड़ी देर पहले ही यह खबर मिली कि प्रभाकरण मारा गया.. मुझे यह खबर एक तमिल मित्र द्वारा मिली.. उसके चेहरे पर कोई खुशी नहीं थी, सो मैं संकोच में आ गया कि इन लोगों के सामने मुझे किस तरह कि प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाहिये? अगर सिर्फ मेरी बात की जाये तो मुझे खुशी ही हुई यह खबर सुन कर मगर यह खुशी उन लोगों के...

Saturday, May 16, 2009

एक कहानी जिंदगी कि अटपटी सी, चटपटी सी

"तुम्हारा ड्राईविंग नहीं सीखने को लेकर विकास, वाणी और मैं एक ही बात से सहमत हैं, वो ये कि तुम गाड़ी चलाना सीखना ही नहीं चाहते हो.." मैंने शिव से बोला.. यूं तो उसका पूरा नाम शिवेन्द्र है मगर सभी उसे शिव के नाम से बुलाते हैं.. छोटा नाम करके बुलाने का फायदा यह होता है कि समय तो बचता ही है साथ में जुबान...

Friday, May 15, 2009

टूटो तो यूं टूटो कि खबर बन जाये

जी हां! मेरे पैर के टूटने का अनुभव कुछ-कुछ ऐसा ही रहा.. और तो और ये एक छुवाछूत की तरह फैलता ही चला जा रहा है.. मैं जहां काम करता हूं वहां मेरे फ्लोर पर सबसे पहले मेरा पैर टूटा.. उसके बाद तो जैसे सभी मेरा ही अनुसरण करने निकल पड़े.. एक के बाद एक अभी तक पूरे छः लोग अपनी टांगों को कुर्बान कर चुके हैं.. हर...

जब शहर हमारा सोता है

एक बकत कि बात बतायें,एक बकत कि..जब शहर हमारो सो गयो थो,वो रात गजब की..चहुंओर, सब ओर दिशा से,लाली छाई रे..जुगनी नाचे, चुनरी ओढ़े,खून नहाई रे..सब ओरों गुल्लाल पुत गयो,सब ओरों में..सब ओरों गुल्लाल पुत गयो,विपदा छाई रे..जिस रात गगन से,खून की बारिश आयी रे..जिस रात शहर में,खून कि बारिश आयी रे..सराबोर हो गयो...

Thursday, May 14, 2009

ये दुनिया अगर मिल भी जाये तो क्या है?

सुरमयी आंखों के प्यालों की,दुनिया ओ दुनिया..सतरंगी रंगों गुलालों की,दुनिया ओ दुनिया..अलसायी सेजों सी फूलों की,दुनिया ओ दुनिया रे..अंगराई तोड़े कबूतर की,दुनिया ओ दुनिया रे..करवट ले सोई हकीकत की,दुनिया ओ दुनिया..दिवानी होती तबियत की,दुनिया ओ दुनिया..ख्वाहिश में लिपटी जरूरत की,दुनिया ओ दुनिया रे..इंसा के...

Wednesday, May 13, 2009

ऐसे हैं हमारे गुणी बाबू

बहुत दिनों से इनके बारे में लिखने को सोच रहा था, मगर कुछ ना कुछ ऐसा हो जाया करता था जिसके कारण से अभी तक नहीं लिख पाया.. नाम वगैरह बाद में बताता हूं, पहले इनके बारे में कुछ बातें कर लूं.. इनसे सबसे पहले मैं मिला अंतर्जाल...

Sunday, May 10, 2009

घर के बड़ों के चेहरे पर आती झुर्रियां क्या आपको भी परेशान करती है?

आज मातृदिवश पर हमारे सभी मित्र अपनी-अपनी मांओं को याद कर रहे हैं, मगर मुझे तो आज पापा जी कि याद बहुत आ रही है.. हर वे बातें याद आ रही हैं जो मैंने उनके साथ की थी.. इन यादों से मेरा एक अजीब रिश्ता बन चुका है, ये कभी भी मेरा...

Friday, May 08, 2009

एक जन्मदिन रेलवे प्लेटफार्म पर

रेलवे प्लेटफार्म पर जन्म दिन मनाने पर कैसा महसूस करेंगे आप? लोगों की भीड़ आपको घूरती रहे, सभी आंखें मानों कई सवाल लिये हो.. और आप इन सबकी कोई परवाह ना करते हुये बस अपनी धुन में जन्मदिन का केक काटने में मशगूल हों!जी हां कुछ...

Tuesday, May 05, 2009

एक सस्ती शायरी मेरी तरफ से भी, अपने रविश भैया से सीखकर

रह रह कर एक चेहरा,आंखों में कौंध सा जाता है..क्या वह वही सनम था,जिसमें कभी खुदा नजर आता है?आजकल रविश जी कि सस्ती शायरी के चर्चे ब्लौग से लेकर फेसबुक तक हो रही है.. कल ही विनीत ने भी उनके चर्चे अपने ब्लौग पर आम किये थे.. और आज हम भी उनसे कुछ सीख कर अपनी सस्ती शायरी बनाने बैठ गये.....

Friday, May 01, 2009

एक हिट लिस्ट हमारी तरफ से भी, उत्तर सहित :)

कल रवि जी कि पोस्ट पढ़ी थी.. और आज अमित जी और समीर जी कि.. तो हमने सोचा कि लगे हाथो हम भी यही चेप ही दें.. अपना कुछ जाता भी नहीं है और टाइम भी खोटा नहीं होता है.. लिखने में मगजमारी भी नहीं करनी पड़ेगी, और हिट्स मिलेगी सो अलग.. ;) मेरे ब्लौग के पाठको के लिए मैं बताना चाहूँगा कि यह एक लिस्ट है जिसमे आपने...