मैंने घर जाने का प्लान बहुत दिनों से बना रखा था, जिसे बाद में कुछ कार्यालय संबंधी व्यस्तताओं कि वजह से स्थगित कर दिया.. अगर घर जाना होता तो अभी मैं बैठकर पोस्ट नहीं लिख रहा होता, बल्की अभी मैं दिल्ली में होता और शाम में पटना कि ट्रेन पकड़ने कि जुगत में लगा होता.. शायद शाम में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर...
Thursday, April 30, 2009
Monday, April 27, 2009
Saturday, April 25, 2009
बेटा मन में लड्डू फूटा (पार्ट दो)
एक दिन "एक्स डियो" का एड देखा.. मन को बहुत भाया.. बस एक बार डियो लगाओ और सारी लड़कियां मेरे पीछे भागेगी.. मैंने प्रचार में देखा भी था कि एक्स डियो थोड़ा सा नहीं लगाया जाता है.. उसे तो ऐसे लगाते हुये दिखाता है जैसे उसी से नहा रहा हो.. मैंने भी तुरत जाकर एक एक्स डियो खरीदा.. पानी और साबुन से रगड़-रगड़ कर...
Thursday, April 23, 2009
Wednesday, April 22, 2009
टुकड़ों में बंटा पोस्ट
पहला टुकड़ा -आज मेरे पापा-मम्मी कि बत्तीसवीं शादी कि सालगिरह है.. घर कि याद भी बहुत आ रही है..दुसरा टुकड़ा -कल ऑफिस में मुझे कुछ बहुत जरूरी काम है मगर ऑफिस आना बहुत मुश्किल लग रहा है.. आखिर कल तमिलनाडु बंद है.. अगर कल नहीं आया तो मुझे शनिवार को ऑफिस आना पड़ेगा, जो मैं नहीं चाह रहा हूं..तीसरा टुकड़ा -मैंने...
Sunday, April 19, 2009
मेरे बेटूलाल का पहला कदम
मेरा बेटूलाल अब बिना किसी कि सहायता के सरकना सीख लिया है.. अभी कुछ दिन पहले मेरे पापा-मम्मी यहाँ चेन्नई मेरे पास आये हुए थे और इसी बीच मेरा बेटूलाल(भैया का बेटा शाश्वत प्रियदर्शी) ने बिस्तर के बाहर अपना कदम फैलाना शुरू कर दिया.. यहाँ एक वीडियो भैया ने उपलोड किया है जिसे मैं यहाँ पोस्ट कर रहा हूँ.....
Saturday, April 18, 2009
अथ हिंदीभाषी कथा इन चेन्नई भाग दो
मेरा पिछला पोस्ट पढ़कर मेरे अधिकतर मित्रों ने कमेंट के द्वारा रोष ही प्रकट किया है.. चाहे वह तमिल या किसी अन्य प्रादेशिक भाषा को लेकर हो या फिर लोग किसी प्रदेश में जाकर भी वहां कि भाषा-संस्कृति को लेकर अपना सम्मान नहीं दिखाते हैं उसे लेकर..पहला कमेंट ही कुछ ऐसा था जो PN Subramanian जी ने लिखा था, "रोचक...
Friday, April 17, 2009
अथ हिंदीभाषी कथा इन चेन्नई
पिछली कथा पढ़कर घुघुती जी ने मुझसे यह उम्मीद जतायी कि मैं जल्द ही यहां हिंदी बोलने के ऊपर कि कोई कथा लेकर आऊंगा, तो लिजिये हाजिर हूं.. इसके कयी छोटे-छोटे अध्याय हैं और सभी अद्याय अपने आप में संपूर्ण.. तो चलिये आपको यहां कि भाष के साथ अपने और अपने मित्रों के कुछ हिंदी से जुड़े दिलचस्प और कड़वे अनुभव सुनाता...
Wednesday, April 15, 2009
अथ टैक्सी चालक कथा
अध्याय एक : स्थान - लखनऊ के आस-पास(कौन सा हिस्सा मुझे पता नहीं.. ;))मास - फरवरी, 2009मेरे पापाजी किसी वर्कशॉप में वहां गये हुये थे.. वहां उन्होंने टैक्सी किया और उससे टैक्सी के किराये के बारे में पूछने पर उसने कहा कि साहब आप यहां आये हैं तो आपसे किराया लूंगा थोड़े ही ना? यह कह कर उसने जबरदस्ती किराया...
Monday, April 13, 2009
Thursday, April 09, 2009
Tuesday, April 07, 2009
Friday, April 03, 2009
Wednesday, April 01, 2009
अप्रैल फूल नहीं बना रहा हूं, सच्ची में टांग टूट गया :(
अप्रैल फूल नहीं बना रहा हूं, सच्ची में टांग टूट गया.. एक फ्रैक्चर पैर के कानी अंगुलीवाली हड्डी में हो गया.. शनिवार की रात एक ऑटो वाले ने ठोंक दिया और हो गया मेरा पैर शहीद.. मेरे दोस्तों और मेरा भला चाहने वाले भी खुश.. वाह!! फिर से मौका मिला है अपना शोक अदा करने का.. तो चलिये पूरी घटना जरा विस्तार से...